Tuesday, 23 October 2012

संक्षिप्त जीवन-परिचय


यह भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक,  आजादी के समय के महान कार्यकर्ता , कठोर साधक , लेखक,संघ के जिला प्रचारक , जिला सहकारी बैंक के महा प्रबंधक , आजीवन कार्यरत , शिशु शिक्षा समिति के मंत्री और अपने इच्छा  शक्ति के प्रभाव से अनेक विद्यालय खड़े करने वाले श्री भीष्म सिंह जी का एक संछिप्त जीवन परिचय निम्न है |




  • नाम : श्री भीष्म सिंह जी|
  • पूरा नाम : ठाकुर भीष्म सिंह चौहान |
  • पिता : श्री ठाकुर छेदा सिंह चौहान  |
  • दादा जी : श्री ठाकुर  वेद राम सिंह चौहान |
  • भाई  :  चार भाई | 
  • पुत्र : दो पुत्र | 
  • ठाकुर हर्षवर्धन सिंह चौहान |
  • ठाकुर अशोक प्रताप सिंह चौहान |
  • पौत्र : गोपाल कृष्णा |
  • जन्म : १४ नबम्बर सन १९३० |
  • जन्म स्थान : बुलन्दशहर |
  • निवास : बुलंदशहर (ऊ. प्र.)
  • शिक्षा : एम . ए. ( राज शास्त्र ) | 
  • नौकरी :
  1. भारत बैंक में कार्य किया |
  2. इलाहाबाद बैंक में भी कार्य किया |
  3. महा सचिव जिला सहकारी बैंक |

  • राष्टीय स्वयं सेवक संघ से विद्यार्थी काल से स्वयं सेवक रहे |
  • नौकरी के साथ सह सामाजिक गतिविधियों में सलग्न |
  • आपात  काल में गिरफ़्तारी ( पूरे १९ माह कारगर में बंदी रहे ) | 
  • राम जन्म भूमि आन्दोलन में गिरफ़्तारी |
  • आजाद होने के बाद शिशु शिक्षा समिति से जुड़े |
  • व्यवस्थापक तथा मंत्री पद पर कार्य किया |
  • सदैव आर्थिक सहयोग किया | 
  • सादा जीवन उच्च विचार थे  इनके |
  • चिकित्सा : होम्योपेथी का पूर्ण ज्ञान |
  • भाषा ज्ञान  : हिन्दी , अंग्रेजी , उर्दू |