यह भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक, आजादी के समय के महान कार्यकर्ता , कठोर साधक , लेखक,संघ के जिला प्रचारक , जिला सहकारी बैंक के महा प्रबंधक , आजीवन कार्यरत , शिशु शिक्षा समिति के मंत्री और अपने इच्छा शक्ति के प्रभाव से अनेक विद्यालय खड़े करने वाले श्री भीष्म सिंह जी का एक संछिप्त जीवन परिचय निम्न है |
- नाम : श्री भीष्म सिंह जी|
- पूरा नाम : ठाकुर भीष्म सिंह चौहान |
- पिता : श्री ठाकुर छेदा सिंह चौहान |
- दादा जी : श्री ठाकुर वेद राम सिंह चौहान |
- भाई : चार भाई |
- पुत्र : दो पुत्र |
- ठाकुर हर्षवर्धन सिंह चौहान |
- ठाकुर अशोक प्रताप सिंह चौहान |
- पौत्र : गोपाल कृष्णा |
- जन्म : १४ नबम्बर सन १९३० |
- जन्म स्थान : बुलन्दशहर |
- निवास : बुलंदशहर (ऊ. प्र.)
- शिक्षा : एम . ए. ( राज शास्त्र ) |
- नौकरी :
- भारत बैंक में कार्य किया |
- इलाहाबाद बैंक में भी कार्य किया |
- महा सचिव जिला सहकारी बैंक |
- राष्टीय स्वयं सेवक संघ से विद्यार्थी काल से स्वयं सेवक रहे |
- नौकरी के साथ सह सामाजिक गतिविधियों में सलग्न |
- आपात काल में गिरफ़्तारी ( पूरे १९ माह कारगर में बंदी रहे ) |
- राम जन्म भूमि आन्दोलन में गिरफ़्तारी |
- आजाद होने के बाद शिशु शिक्षा समिति से जुड़े |
- व्यवस्थापक तथा मंत्री पद पर कार्य किया |
- सदैव आर्थिक सहयोग किया |
- सादा जीवन उच्च विचार थे इनके |
- चिकित्सा : होम्योपेथी का पूर्ण ज्ञान |
- भाषा ज्ञान : हिन्दी , अंग्रेजी , उर्दू |
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